अंग्रेज़ी के कैम्ब्रिज अन्तर्राष्ट्रीय शब्दकोश के अनुसार ‘आप जिस प्रकार के व्यक्ति हैं, वही आपका व्यक्तित्व है और वह आपके आचरण, संवेदनशीलता तथा विचारों से व्यक्त होता है।’ लांगमैंन के शब्दकोष के अनुसार ‘किसी व्यक्ति का पूरा स्वभाव तथा चरित्र’ ही व्यक्तित्व कहलाता है। कोई व्यक्ति कैसा आचरण करता है, महसूस करता है और सोचता है; किसी विशेष परिस्थिति में वह कैसा व्यवहार करता है। यह काफ़ी कुछ उसकी मानसिक संरचना पर निर्भर करता है। किसी व्यक्ति की केवल बाह्य आकृति या उसकी बातें या चाल-ढाल उसके व्यक्तित्व के केवल छोर भर हैं। ये उसके सच्चे व्यक्तित्व को प्रकट नहीं करते। व्यक्तित्व का विकास वस्तुतः व्यक्ति के गहन स्तरों से सम्बन्धित है। अतः मन तथा उसकी क्रियाविधि के बारे में स्पष्ट समझ से ही हमारे व्यक्तित्व का अध्ययन प्रारम्भ होना चाहिए।
-
तत्व चिंतन के विविध आयाम गीता के क्रमिक गति के साथ साथ परत दर परत खुलते चले जाएंगे ; इस विधान में हमें और अधिक परिव...
-
ब्रह्म विषयक जिज्ञासा [1] से ही अपने मन में यह वृत्ति को उजागर होते हुए देखा जा सकेगा जिसके आधार पर हम उस शक्तियमान ...
-
एक आश्रम संस्था के प्रमुख थे ; उनको लोग स्वामी बुद्धानन्द कहा करते थे। उनकी गाड़ी झाड़खंड और ओडिशा की सीमा पर बसे एक ...
-
एकबार ठाकुर रामकृष्ण को निर्विकल्प समाधि लेते हुए नरेन छिपकर देख रहे थे | बाद में नरेन काफ़ी आग्रह करने लगे कि उन्हें भी ठाकुर से निर्विकल्प...
-
चंदन सुकुमार सेनगुप्ता “ शिक्षा का उद्देश्य तथ्यों को जमा करना और उसपर चर्चा करना नहीं होता है बल्...
-
इतना तो तय हो ही गया होगा कि किसी भी ग्रह नक्षत्र मंडल को अनंत अनंत काल के लिए अस्तित्व में नहीं रखा जाएगा; कभी न कभी अपने भरे पूरे संसार ...
-
We have hundreds and thousands of books, narratives and essays on Gita and Gita related spiritual concepts. Then also interpretation on th...
-
जब राजा विश्वामित्र को यह लगने लगा कि भुजबल से ब्रम्ह ज्ञान कहीं श्रेष्ठ है तो खुद को गहन साधना में लगा दिए और अरण...
.jpeg)